बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जूता चुराई की रस्म के दौरान कम रुपए देने पर शादी टूट गई। साली ने दूल्हे से जूता चुराई रस्म के लिए 50 हजार रुपए मांग लिए। इस पर दूल्हे ने उसे 5 हजार रुपये दिए तो महिलाओं ने दूल्हे तो भिखारी कह दिया। जिसके बाद घरातियों ने बरातियों को बंधक बनाकर पीटा।
पूरा मामला बिजनौर के गढ़मलपुर गांव का है। यहां खुर्शीद की बेटी की शादी देहरादून के चकरौता निवासी निसार अहमद के बेटे मोहम्मद साबिर से तय हुई थी। शनिवार को धूमधाम से बारात आई। निकाह की रस्में भी शांति से निपट रही थीं। लेकिन रस्मों के बीच आई ‘जूता चुराई’ ने ऐसा तड़का लगाया कि पूरी शादी हंगामे में बदल गई।
दुल्हन की साली ने रस्म के मुताबिक जीजा साबिर के जूते चुरा लिए और जूते लौटाने के बदले 50 हजार की मांग कर डाली। दूल्हे मियां ने जेब टटोलकर सिर्फ 5000 रुपए निकाले। बस फिर क्या था, साली और बाकी महिलाओं ने दूल्हे को भिखारी कह दिया। यहीं से मामला गरमा गया। दूल्हा नाराज हो गया। बची हुई रस्में करने से इनकार कर दिया। दुल्हन को साथ ले जाने से मना कर दिया।
घरातियों ने बारातियों को बंधकर बनाकर पीटा काफी देर तक मान-मनव्वल से बात नहीं बनी तो दुल्हन के घरवालों ने लोगों को इकट्ठा करके बारात को बंधक बना लिया। दूल्हे के पिता, दादा, हाजी, भाई और जीजा सबको बंधकर बनाकर पीटा। इसी बीच किसी ने यूपी पुलिस की डायल 100 पर कॉल कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया और दोनों पक्षों को नजीबाबाद थाने ले गई। वहां काफी देर तक पंचायत चली।
दुल्हन वालों का कहना है कि जब साली ने पैसे मांगे तो दूल्हे के परिवार ने तंज कसते हुए कहा कि दहेज में सोना तो दिया है, वो भी नकली और हल्का, पहनते ही टूट जाएगा।” इस पर दुल्हन के भाई ने कहा कि आपको सोने से प्यार है या हमारी बहन से। जवाब आया- हमें पैसे से प्यार है। दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि दूल्हे ने दहेज में स्विफ्ट कार की डिमांड की थी, जिसके बाद दो लाख रुपए का चेक भी दिया गया लेकिन दूल्हा पक्ष के लोगों ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
दूल्हा थाने में बोला – मैं 5000 दिए, साली को 50 हजार चाहिए थे दूल्हा साबिर ने पुलिस को बताया कि मैंने साली को 50 हजार की मांग पर 5000 दिए, फिर बहस शुरू हो गई। उसके बाद हमें कमरे में बंद करके मारा गया। कुछ बाहरी लड़कों को बुलाकर हमारे साथ मारपीट की गई। दुल्हन के भाई ने बताया कि- निकाह हो गया था, लेकिन जूता चुराई की रस्म में 50 हजार मांगे थे। पहले 500 दिए, फिर 5000 और, लेकिन दूल्हे के भाई ने गहना हम पर फेंक दिया और कहा, ‘कल आना, सब सिखा देंगे।
दूल्हा के करीबी ने बताया कि करीब 24 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पक्षों के बीच साढ़े 6 लाख रुपए पर समझौता हो गया। दूल्हे ने दुल्हन को तलाक दे दिया है और बिना दुल्हन के बारात वापस लौट गई है।











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