पटियाला। पंजाब पुलिस के पूर्व आईजी (IG) अमर सिंह चहल ने सोमवार को पटियाला स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। पुलिस को मौके से 12 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
8.10 करोड़ की साइबर ठगी से थे परेशान-
पूर्व आईजी ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम लिखे 12 पन्नों के सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा व्यक्त की है। उन्होंने खुलासा किया कि वे 8.10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का शिकार हुए थे। इस वित्तीय नुकसान के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मी की रिवाल्वर से खुद की छाती में गोली मारी है।
दोस्तों ने पुलिस को दी थी चेतावनी-
एसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा ने बताया कि अमर सिंह चहल के दोस्तों ने पुलिस को एक नोट साझा किया था, जिससे उनके सुसाइड करने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलते ही संबंधित थाना प्रभारी और डीएसपी तुरंत उनके घर पहुँचे, लेकिन तब तक वे खुद को गोली मार चुके थे। पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनका सीटी स्कैन कर इंजरी की गंभीरता का आकलन कर रही है।
विवादों से रहा है पुराना नाता-
गौरतलब है कि पूर्व आईजी अमर सिंह चहल का नाम पंजाब के चर्चित बहबल कलां और कोटकपुरा गोलीकांड (2015) से भी जुड़ा रहा है। वे इस मामले में आरोपी हैं। फरवरी 2023 में एडीजीपी एलके यादव के नेतृत्व वाली एसआईटी (SIT) ने फरीदकोट अदालत में जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें अमर सिंह चहल सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल थे।
पुलिस जांच जारी-
पटियाला पुलिस अब इस पूरे मामले की दो पहलुओं से जांच कर रही है:
साइबर ठगी के उन आरोपियों की पहचान, जिन्होंने पूर्व आईजी को इस कदर परेशान किया।
घटना के समय सुरक्षाकर्मी की रिवाल्वर उनके हाथ कैसे लगी।











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