मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तमाम दावों के बीच मुजफ्फरनगर के खतौली में एक बड़ा हादसा हो गया। शुक्रवार को गंग नहर घाट पर नहाते समय एक 17 वर्षीय किशोर गहरे पानी में डूब गया। हादसा उस समय हुआ जब प्रशासन घाटों पर गोताखोर तैनात करने का दावा कर रहा था, लेकिन मौके पर गोताखोर नदारद मिले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खतौली थाना क्षेत्र के वाजिदपुर खुर्द निवासी विष्णु का पुत्र चित्रांश, जो दयालपुरम कॉलोनी में परिवार सहित रहता था, अपने मित्र अबूज़र के साथ गंग नहर घाट पर नहाने गया था। नहाने के दौरान चित्रांश गहराई में चला गया और डूबने लगा। साथ गए अबूज़र ने शोर मचाया, जिसके बाद वहां मौजूद कुछ युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
देखते ही देखते चित्रांश पानी में समा गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन मोहल्ले वालों के साथ दौड़ते हुए घाट पहुंचे और कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद से चित्रांश की तलाश शुरू कराई, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने सवाल उठाए कि जब प्रशासन द्वारा घाटों पर गोताखोरों की तैनाती का दावा किया गया था, तो हादसे के समय कोई गोताखोर मौजूद क्यों नहीं था। यह लापरवाही कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
परिजन और मोहल्लेवासी रातभर चित्रांश की तलाश में जुटे रहे। गंग नहर में बहाव तेज होने के कारण तलाश में कठिनाई हो रही है। प्रशासन ने अब घाट पर निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गोताखोर मौके पर होते, तो चित्रांश की जान बच सकती थी।










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