मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में देर रात तितावी थाना पुलिस और बदमाशों के बीच उस समय मुठभेड़ हो गई, जब पुलिस को एक बड़े आपराधिक गैंग के क्षेत्र में आने की सूचना मिली। इस सूचना पर पुलिस द्वारा क्षेत्र में संदिग्ध वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया था।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि जब पुलिस ने एक कार सवार कुछ लोगों को रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग और घेराबंदी करते हुए शामली रोड स्थित शेरे पंजाब होटल के पास चार बदमाशों—आरिफ उर्फ पिरी, राशिद उर्फ पप्पू, समीर उर्फ शहजाद, और अरशद—को गोली लगने से घायल कर दिया।
इसके बाद की गई कॉम्बिंग के दौरान सोनू उर्फ अजित और जानू उर्फ जान मौहम्मद (जो कबाड़ी भी है) को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, उनके दो साथी इरशाद और अलीशेर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल के रास्ते फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बरामदगी और गैंग का खुलासा-
पुलिस ने घायल बदमाशों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। मौके से पुलिस ने इन बदमाशों के पास से दो कार (स्विफ्ट डिजायर और निशान), एक मोटरसाइकिल, चार तमंचे, कारतूस और बड़ी मात्रा में ट्रांसफार्मर चोरी का माल (तांबे, लोहे के तार/रॉड, कोयल, तेल, लोहे की पत्तियां आदि) बरामद किया है।
एसएसपी ने बताया कि यह गैंग मुख्य रूप से मेरठ और गाजियाबाद का है और यह कार व मोटरसाइकिल से आसपास के जनपदों में किसानों की ट्यूबवेल और ट्रांसफार्मर चोरी करने का काम करता था। इस गैंग ने पिछले कुछ दिनों में जनपद के 7 थाना क्षेत्रों (चरथावल, पुरकाजी, छपार, तितावी आदि) में दर्जनों घटनाओं को अंजाम दिया था।
बताया कि गिरफ्तार सभी बदमाशों पर विभिन्न जनपदों में 141 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें एक बदमाश पर 34, एक पर 21 और एक पर 22 मुकदमे शामिल हैं। ये सभी काफी शातिर अपराधी हैं जो ट्रांसफार्मर का महंगा तेल और कॉपर बेचते थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार वर्मा ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए सीओ फुगाना और एसपीआरए के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को ₹25,000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।










Discussion about this post