शामली। शामली जिले के कांधला क्षेत्र के गांव मलकपुर में सरकारी राशन की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम प्रधान आरिफ ने कई ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी अरविंद चौहान से मुलाकात की और राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई और उसकी दुकान निरस्त करने की मांग की।
ग्राम प्रधान ने डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि गांव की सरकारी राशन दुकान, जो कि सोहन नामक डीलर के नाम पर है, उससे जुड़े लोगों—विशेष रूप से नासिर और उसके परिवार के सदस्य—सरकारी चावल को बाजार में बेचने के लिए रेहड़े पर लदवा कर मंडी भेज रहे थे। ग्रामीणों ने करीब 11 कुंतल चावल को मौके पर पकड़ लिया, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
सूचना पर पूर्ति निरीक्षक, नायब तहसीलदार और लेखपाल मौके पर पहुंचे और छानबीन के बाद राशन डीलर की दुकान से 13 कुंतल चावल अतिरिक्त स्टॉक में पाया गया। जांच में सामने आया कि यह चावल गांववासियों को बांटा नहीं गया था, बल्कि इसे जमाखोरी कर बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।
ग्राम प्रधान का आरोप है कि जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो डीलर सोहन और नासिर ने साथियों के साथ मिलकर ग्रामीणों पर लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इसमें कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए।
बाद में एसडीएम कैराना ने भी मौके का निरीक्षण किया, जहां दुकान में 15 कुंतल से अधिक चावल स्टॉक में पाया गया। इसके बावजूद न तो डीलर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7) के तहत कोई कार्रवाई की गई और न ही दुकान को अब तक निरस्त किया गया है।
ग्राम प्रधान ने डीएम से मांग की है कि मामले में जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए और डीलर की दुकान को तुरंत रद्द किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सके।










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