मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित शीरा नीति 2025-26 के समुचित एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मंगलवार को मुज़फ़्फ़रनगर में जिला आबकारी विभाग की एक प्रमुख समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पारदर्शिता एवं राजस्व वृद्धि पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में सहायक आबकारी आयुक्त त्रिवेणी आसवनी, समस्त चीनी मिलों के प्रभारी आबकारी निरीक्षक, उप आबकारी निरीक्षक और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि अपर मुख्य सचिव (आबकारी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में शीरा नीति 2025-26 के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी सभी अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को दी गई। उन्होंने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि शीरा (मोलासेस) के संग्रहण, भंडारण और आपूर्ति से संबंधित प्रत्येक प्रक्रिया शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए और नीति का पूर्ण एवं पारदर्शी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चीनी मिलों के प्रभारी आबकारी निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में नीति के क्रियान्वयन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, आबकारी निरीक्षकों को जिले की खांडसारी इकाइयों का नियमित निरीक्षण करने और नीति के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के विशेष निर्देश दिए गए।
जिला आबकारी अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और नीति के लक्ष्यों—यानी उत्पादन, पारदर्शिता एवं राजस्व वृद्धि—को प्राप्त करने की अपेक्षा की।











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