मुजफ्फरनगर। पुलिस को लगातार मौखिक और लिखित सूचना देने के बावजूद, खतौली स्कूल के उप-प्रबंधक राजवीर सिंह वर्मा ‘टीटू’ पर स्कूल में घुसकर हमला हो चुका है और उनकी जान को ख़तरा बढ़ता जा रहा है। तीन महीने बाद भी प्रभावी कार्रवाई न होने से निराश राजवीर सिंह ने ज़िला अधिकारी उमेश मिश्रा से मुलाक़ात की और उन्हें अपना ‘मृत्यु-पूर्व बयान’ सौंपा। जिलाधिकारी ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
आपको बता दें कि खतौली के मोहल्ला दयालपुरम में लाल दयाल पब्लिक स्कूल है, जिसके उपप्रबंधक राजवीर सिंह वर्मा ‘टीटू’ हैं। पिछले कुछ महीनों से राजवीर सिंह वर्मा का विवाद अपने स्कूल की तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. ममता दत्त शर्मा से चल रहा था। ममता दत्त शर्मा द्वारा स्कूल में कथित रूप से 32 लाख रुपये से ज़्यादा के घोटाले की बात सामने आई थी, जिसे लेकर पहले सामाजिक लोगों तक मामला पहुंचा था और फिर पुलिस तक पहुंच गया था। पिछले कई महीनों से राजवीर सिंह वर्मा, खतौली के सीओ रामाशीष यादव और कोतवाल ब्रजेश कुमार शर्मा से लगातार मिलकर उन्हें संभावित खतरे के प्रति आगाह कर रहे थे। 14 मई को कोतवाल को और 17 मई को थाना दिवस में सीओ को उन्होंने लिखित रूप में शिकायतपत्र देकर ममता दत्त शर्मा समेत उनके जीजा और मेरठ में टोल के पास स्थित आर्यवर्त्त हॉस्पिटल के मालिक मलय शर्मा और साथियों से अपनी जान को खतरा जताया था, इसके बावजूद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। देखें कोतवाल और सीओ को घटना से पूर्व लिखित शिकायत देने के मीडिया द्वारा खींचे गए फोटो-
सीओ और कोतवाल ने कई दिन बीतने के बाद भी कुछ नहीं किया तो 19 मई को सुबह राजवीर सिंह को संकेत मिले कि कुछ असामाजिक तत्व, ममता शर्मा के साथ उनके स्कूल के आसपास मंडरा रहे हैं और कुछ करने की फ़िराक में है, इसकी सूचना भी उन्होंने तत्काल थाने पहुंचकर थाना प्रभारी बृजेश कुमार शर्मा को दे दी थी। थाने से जैसे ही राजवीर सिंह अपने स्कूल पहुंचे और स्कूल के मंदिर में पूजा कर ही रहे थे कि तभी 8-10 बदमाशों ने स्कूल में घुसकर उन पर प्राणघातक हमला कर दिया और उन्हें मरणासन्न छोड़कर चले गए। बाद में लंबे उपचार के बाद उनकी जान बच सकी। इस हमले के बाद भी लगभग 3 महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इस मामले में कुछ लोग अदालत में पेश होकर जेल चले गए हैं और कुछ ने स्टे प्राप्त कर लिया है, लेकिन पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
राजवीर सिंह के अनुसार, पुलिस की मिलीभगत के चलते आरोपियों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि पूर्व प्रधानाचार्य ने अब उन्हें सीधे-सीधे फोन मिलाकर धमकाने की भी कोशिश शुरू कर दी है। उनके मुताबिक,अन्य आरोपी भी पिछले कई दिन से उनके स्कूल के आसपास मंडरा रहे हैं, जिससे उन्हें खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त को शाम 7:08 बजे, पूर्व प्रधानाचार्य ने उन्हें फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने भयवश फोन नहीं उठाया। ये है फ़ोन पर मिस कॉल का स्क्रीनशॉट-
इस फोन कॉल के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस से निराश राजवीर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ रेंज, सहारनपुर रेंज के कमिश्नर और डीआईजी, मुज़फ्फरनगर के एसएसपी, जिले के दोनों मंत्रियों अनिल कुमार और कपिल देव अग्रवाल, सांसद हरेंद्र मलिक व चंदन चौहान समेत जिले के विधायकों और मीडिया को भी अपना ‘मृत्यु पूर्व बयान’ भेजा है। राजबीर सिंह ने बताया कि वे मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इस बारे में कई बार लिखित शिकायत भेज चुके है, लेकिन वहां से यह जाँच इन्ही सीओ और कोतवाल को भेज दी जाती है जिनके खिलाफ वे शिकायत कर रहे है।
राजवीर सिंह ने अब डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें भी अपना ‘मृत्यु पूर्व बयान’ सौंप दिया है और कहा कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए खतौली के सीओ रामाशीष यादव, कोतवाल बृजेश कुमार शर्मा, डॉ. मलय शर्मा, उनकी साली ममता दत्त शर्मा समेत शिकायत में लिखे गए सभी आरोपी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस के स्तर पर यदि कोई लापरवाही हुई है, तो उसकी भी जांच कराई जाएगी और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
राजवीर सिंह ने बताया कि पुलिस के अफसर कह रहे हैं कि उनके विरुद्ध भी पूर्व में मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि ये मुकदमे राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराए गए थे, जिनमें से ज्यादातर समाप्त हो चुके हैं और बाकी भी समाप्ति की स्थिति में हैं। राजवीर सिंह ने सवाल किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध भी राजनीतिक साजिश के तहत कई दर्जन मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उन्होंने पूछा कि क्या उन मुकदमों के चलते योगी आदित्यनाथ भी अपराधी माने जाएंगे? क्या ज़िले के पुलिस के ये अधिकारी मुख्यमंत्री को भी उन्हीं फर्जी मुकदमों के आधार पर अपराधी मानते हैं ?
राजवीर सिंह वर्मा ने कहा कि पूर्व प्रधानाचार्य ममता दत्त शर्मा और उनके जीजा मलय शर्मा अपराधी तत्वों से गठजोड़ रखते हैं। डॉक्टर मलय शर्मा और उनकी पत्नी मृदुला शर्मा के खिलाफ मेरठ में कई मुकदमे दर्ज हैं और वे जमानत पर बाहर हैं। उन पर संपत्ति हड़पने और महिला से छेड़छाड़ जैसे कई मामलों में शामिल होने के आरोप हैं और उनके परिवार की नीयत उनके स्कूल पर कब्जा करने की है।
उन्होंने बताया कि उनके स्कूल में आने से पहले ममता दत्त शर्मा, खतौली के ही मेपल्स अकादमी में प्रिंसिपल थीं। ममता दत्त शर्मा ने पूर्व स्कूल मालिक विपिन सिंगल और उनके बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी थी,उन्हें भी इसी तरह परेशान किया था। इस बारे में भी मेपल्स स्कूल के मालिकों ने पुलिस को बताया था, लेकिन पुलिस ने उस मामले में भी ममता दत्त शर्मा की ही मदद की थी। जिसके बाद लाखों रुपये देकर स्कूल मालिक ने अपनी जान बचाई थी।










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