मुजफ्फरनगर। जिला कारागार मुजफ्फरनगर में रविवार को विशेष मेगा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 528 बंदियों की चर्म रोगों की जांच कर निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य शिविर में डॉ. नीरज सिंघल और डॉ. नरेन्द्र सैनी की प्रमुख भूमिका रही, जबकि उनके साथ डॉ. ए. जावेद, डॉ. हारूण रशीद, डॉ. अबरार इलाही, डॉ. जमशेद, डॉ. शाहिद कुरैशी, डॉ. मोहम्मद सरदार, डॉ. एम.के. जुनैद, डॉ. इरफान, डॉ. इकबाल, डॉ. महताब अहमद, डॉ. खुर्रम और डॉ. शाह फारूक जैसे अनुभवी विशेषज्ञों की टीम ने कैदियों का परीक्षण किया।
शिविर में बंदियों की मुख्य समस्याएं दाद, खाज, खुजली, स्किन एलर्जी और फंगल इंफेक्शन रहीं। चिकित्सकों ने न केवल उनका परीक्षण और त्वरित उपचार किया, बल्कि उन्हें यह भी बताया कि इन रोगों से बचाव के लिए स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई अत्यंत आवश्यक है।
बंदियों को नियमित स्नान, वस्त्रों की सफाई, हाथ-पैर धोने और संक्रमित कपड़ों से दूरी बनाने की सलाह दी गई। कई बंदियों ने डॉक्टरों से व्यक्तिगत परामर्श लेकर इलाज के प्रति रुचि दिखाई, जिससे शिविर की उपयोगिता और सफलता सिद्ध हुई।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने वाली टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। चिकित्सकों का यह प्रयास बंदियों के लिए एक मानवीय पहल है, जो उन्हें सम्मानपूर्वक और स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करता है।”
शिविर की सफलता में जेल चिकित्साधिकारी डॉ. परितोष मुद्गल शर्मा और प्रभारी जेलर राजेश कुमार सिंह का विशेष योगदान रहा। आयोजन में डिप्टी जेलर जयशंकर प्रसाद, दीपक सिंह, हेमराज सिंह, यशकेन्द्र यादव और फार्मासिस्ट मुकेश कुमार गुप्ता समेत जेल स्टाफ के कई सदस्य उपस्थित रहे। बंदियों ने अनुशासित भागीदारी दिखाते हुए इस शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।










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