मुजफ्फरनगर। जनपद में बढ़ते प्रदूषण और उद्योगों की मनमानी के खिलाफ बुधवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भोपा रोड पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) द्वारा आयोजित एक विशाल पंचायत में किसानों ने प्रशासन और फैक्ट्री मालिकों को दो टूक चेतावनी दी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया कि हवा और पानी को जहरीला बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
RDF के नाम पर जलाया जा रहा ‘जहर’-
पंचायत का मुख्य मुद्दा फैक्ट्रियों में ईंधन के रूप में जलाया जा रहा RDF (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल)। किसानों का आरोप है कि उद्योगपति ईंधन की आड़ में जहरीला कूड़ा-कचरा जला रहे हैं। इससे निकलने वाले धुएं के कारण ग्रामीण इलाकों में बीमारियां फैल रही हैं और पर्यावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
राकेश टिकैत की सीधी चेतावनी-
पंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, “एक तरफ किसान समाज का पेट भरता है, वहीं दूसरी तरफ उसे प्रदूषण का जहर पीने पर मजबूर किया जा रहा है। आरडीएफ के नाम पर जमीन, हवा और पानी को बर्बाद किया जा रहा है। अगर प्रशासन ने तुरंत रोक नहीं लगाई, तो भाकियू एक बड़ा राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने से पीछे नहीं हटेगी।”
अधिकारियों ने दिया आश्वासन, किसान बोले— ‘कार्रवाई चाहिए, वादा नहीं’-
किसानों के उग्र तेवरों को देखते हुए एसडीएम सदर प्रवीण द्विवेदी, प्रदूषण विभाग के अधिकारी कुंवर संतोष और एआरटीओ सुशील मिश्रा मौके पर पहुंचे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि पहले भी कई बार आश्वासन मिले, लेकिन धरातल पर प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन करने वाली फैक्ट्रियों पर कड़ी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद पंचायत स्थगित की गई। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही परिणाम नहीं दिखे तो वे फिर से सड़कों पर उतरेंगे।










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