मुजफ्फरनगर। जनपद में प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला परिषद मार्केट स्थित एक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई हैं। इस मामले में स्टोर के संचालक को हिरासत में लिया गया है।
शहर के बीचों-बीच चल रहा था खेल, पुलिस ने घेरा-
थाना सिविल लाइन अध्यक्ष आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर जिला परिषद के सामने स्थित इस मेडिकल स्टोर पर अचानक धावा बोल दिया। छापेमारी के दौरान दुकान से ऐसी संदिग्ध दवाएं मिलीं, जिनकी बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध है। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से दवा बाजार में हड़कंप मच गया।
ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए गंभीर सवाल-
हैरानी की बात यह है कि जिला परिषद क्षेत्र को दवाओं का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, जहाँ ड्रग विभाग की विशेष निगरानी होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहाँ लंबे समय से प्रतिबंधित दवाओं का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था, लेकिन स्थानीय ड्रग विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
पूर्व में भी दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड की पुलिस टीमों ने मुजफ्फरनगर में आकर बड़ी गिरफ्तारियां की हैं। ऐसे में स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर और विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्हें शहर के बीचों-बीच चल रहे इस बड़े खेल की भनक क्यों नहीं लगी?
संचालक से पूछताछ जारी, ड्रग विभाग की भी होगी जांच-
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, बरामद दवाओं की गुणवत्ता और मात्रा के मिलान के लिए ड्रग इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस अवैध कारोबार में ड्रग विभाग के किसी अधिकारी की मिलीभगत या लापरवाही रही है।










Discussion about this post