मुजफ्फरनगर। कज़ाकिस्तान की प्रसिद्ध जलालाबाद मेडिकल यूनिवर्सिटी की फैकल्टी टीम गुरुवार को मुज़फ़्फ़रनगर पहुँची और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारतीय छात्रों को यूनिवर्सिटी की विशेषताओं से अवगत कराया। यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि कैसे यह संस्थान भारतीय छात्रों के लिए विदेशों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का एक सुलभ विकल्प बन गया है।
जलालाबाद यूनिवर्सिटी की मेडिकल फैकल्टी से जुड़े शोएब आलम, जो स्वयं मुजफ्फरनगर के निवासी हैं, ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, “हमारी यूनिवर्सिटी सिर्फ MBBS की पढ़ाई ही नहीं कराती, बल्कि भारतीय छात्रों को एनएमसी (NMC) परीक्षा की तैयारी में भी मार्गदर्शन देती है, जिससे वे भारत लौटकर मेडिकल प्रैक्टिस कर सकें।”
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में हर वर्ष भारतीय त्योहारों को धूमधाम से मनाया जाता है और इन आयोजनों में बॉलीवुड के नामचीन सिंगर, एक्टर और डांसर भी शिरकत करते हैं, जिससे छात्रों को घर जैसा माहौल मिलता है।
शोएब आलम ने बताया कि जलालाबाद मेडिकल यूनिवर्सिटी से MBBS करने का कुल खर्च 20 से 21 लाख रुपए के बीच है, जिसमें रहना, खाना और पढ़ाई की सुविधाएं शामिल हैं। यह भारत के कई निजी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में काफी सस्ता है।
उन्होंने यह भी बताया कि कज़ाकिस्तान का नेचर बेहद खूबसूरत और शांतिपूर्ण है, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ मानसिक रूप से भी सुकून मिलता है। सुरक्षा के लिहाज से भी यह देश काफी अच्छा माना जाता है।
यूनिवर्सिटी की टीम भारत के विभिन्न राज्यों और शहरों का दौरा कर रही है ताकि भारतीय छात्रों को विदेश में उच्च स्तरीय और किफायती मेडिकल शिक्षा के बारे में जानकारी दी जा सके।
जलालाबाद यूनिवर्सिटी की यह पहल उन छात्रों के लिए खास अवसर बन सकती है जो भारत में मेडिकल सीट्स की भारी प्रतिस्पर्धा और महंगे शुल्क के कारण परेशान हैं। अब देखना है कि मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कितने छात्र इस अवसर का लाभ उठाते हैं।










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