मुजफ्फरनगर। साकेत कॉलोनी की गली नंबर 3 में स्थित एक कथित अवैध मजार को लेकर तनाव की स्थिति बनती दिख रही है। राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन और कॉलोनीवासियों की संयुक्त बैठक में इस अवैध निर्माण को हटाने की मांग ने अब चेतावनी का रूप ले लिया है।
संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि 14 जून तक जिला प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो 15 जून को संगठन के कार्यकर्ता स्थानीय लोगों के साथ मिलकर खुद मजार हटाएंगे और उसी स्थान पर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
साकेत कॉलोनी के ट्रांसफार्मर वाली गली में सड़क के बीचोंबीच सरकारी भूमि पर बनी इस मजार को लेकर कॉलोनीवासियों में गहरी नाराजगी है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संजय अरोड़ा ने कहा कि यह पूरा क्षेत्र हिंदू बहुल है, और सड़क पर इस प्रकार की अवैध धार्मिक संरचना का कोई औचित्य नहीं है। “यह मजार अवैध रूप से बनाई गई है और इसके संबंध में जिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन प्रशासन मौन है,” उन्होंने कहा।
संगठन की महिला इकाई से जुड़ी श्रीमती सरिता शर्मा अरोड़ा ने बैठक में कहा, “जब सर्वोच्च न्यायालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि सरकारी ज़मीन पर कोई भी अवैध निर्माण तुरंत हटाया जाए, तो फिर प्रशासन किस दबाव में चुप है?” उन्होंने बताया कि कॉलोनीवासी इस मजार से काफी समय से परेशान हैं—यह सड़क जाम होने, आवागमन में बाधा और सामाजिक असंतुलन का कारण बनती जा रही है। बैठक का आयोजन अनिल मलिक के आवास पर किया गया।
प्रारंभ में संगठन ने प्रशासन को 10 जून तक का समय दिया था, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री के संभावित दौरे के कारण प्रशासनिक व्यस्तताओं को देखते हुए यह समयसीमा बढ़ाकर 14 जून की गई है। संगठन का साफ कहना है कि अगर इस तिथि तक प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वे खुद इस अवैध ढांचे को हटाएंगे और हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से सार्वजनिक विरोध दर्ज कराएंगे।
इस सामूहिक बैठक में कॉलोनी के अनेक सम्मानित नागरिक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
संजय अरोड़ा, सरिता शर्मा अरोड़ा, प्रवीण जैन, संजय गोस्वामी, श्याम वर्मा, अनुराग सिंगल, संदीप मालिक, बिजेंद्र मालिक, सुशील वर्मा, आर. आर. मालिक, प्रमोद शर्मा, अनिल मलिक, प्रवीण, मुकेश सिंह, अजय अग्रवाल, पंकज त्यागी, राजेंद्र कौशिक, अमित गोयल, अजय गुप्ता, अभिषेक अग्रवाल, कार्तिक त्यागी, नीरज अग्रवाल, प्रभात तायल, उज्ज्वल जैन, कुलदीप शर्मा, बिट्टू, अनिल कुमार, दिनेश आदि।
स्थानीय निवासियों और संगठन की चेतावनी के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिक गई हैं। यदि स्थिति नहीं संभली, तो यह विवाद कानून-व्यवस्था की चुनौती बन सकता है।










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