कैराना। उत्तर प्रदेश के कैराना में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। क्षेत्र के गांव नंगलाराई में पांच सगे भाई-बहन पैदल यमुना पार करते समय डूब गए। परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे और यमुना में तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने चार भाई-बहनों को यमुना से सुरक्षित निकाल लिया, जबकि 14 वर्षीय सादमा का देर शाम तक पता नहीं चल सका था। ग्रामीण तलाश में जुटे हुए थे।
गांव नंगलाराई निवासी हसन ने बताया कि उसके भाई हाशिम ने यमुना पार खरबूज, तरबूज की पलेज बो रखी है। रविवार शाम करीब तीन बजे हाशिम का 20 वर्षीय बेटा जावेद, 25 वर्षीय बेटा फारूक, 16 वर्षीय बेटी परवीन, 17 वर्षीय बेटी माईला और 14 वर्षीय बेटी सादमा पैदल यमुना पार करके अपनी प्लेज में जा रहे थे।
यमुना में करीब तीन फीट पानी था, लेकिन यमुना में बने गहरे गड्ढे में अचानक पांचों भाई-बहन डूब गए। आसपास के लोगों ने उन्हें डूबते देखकर शोर मचाया, जिस पर ग्रामीणों ने यमुना में छलांग लगा दी। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। करीब 15 मिनट बाद ही जावेद, परवीन, माइला और फारुख को यमुना से बाहर सकुशल निकाल लिया। जावेद और परवीन को परिजनों ने नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
देर शाम तक यमुना में डूबी 14 वर्षीय सादमा का पता नहीं चल सका था। सूचना पर कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम तक ग्रामीण यमुना में डूबी बच्ची की तलाश में लग रहे। ग्रामीणाें ने बताया कि 10 महीने पहले पानीपत निवासी तीन दोस्तों प्रिंस, विकास और शिवा की भी यमुना में डूबने से मौत हुई गई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।











Discussion about this post