मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी यात्रा के दौरान हुए भूस्खलन ने मुज़फ़्फ़रनगर को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में शहर के दो मोहल्लों के चार परिवारों के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। हादसे के बाद से पूरे शहर में शोक का माहौल है और नेता और अधिकारी प्रभावित परिवारों से मिलने पहुँच रहे हैं।
यह हृदयविदारक घटना उस समय हुई जब मुजफ्फरनगर के श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौट रहे थे। आबकारी मोहल्ले के सिविल इंजीनियर मिंटू कश्यप के 22 वर्षीय इकलौते पुत्र कार्तिक कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के दो दिन बाद देर रात उनका शव पैतृक गांव अलीपुर खुर्द पहुंचा, जहां हजारों लोगों ने नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस हादसे में कार्तिक की माँ, पिता और दो बहनें भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है।
इसी तरह, शहर के दक्षिणी रामपुरी शाहबुद्दीनपुर रोड से गए प्रजापति समाज के 23 श्रद्धालुओं के दल पर भी भूस्खलन का कहर टूटा। इस दल में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अजय प्रजापति के दो बेटे अनंत (9) और दीपेश (8) शामिल हैं। इनके अलावा, रामबीरी (49), अंजली (22) और ममता (48) की भी मौत हो गई है। रामपुरी क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है, और परिजन सदमे में हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन और नेता सक्रिय हो गए। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इस राशि में मुख्यमंत्री राहत कोष से लेकर वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और आपदा प्रबंधन कोष से मिलने वाली सहायता शामिल है।
राजनीतिक दल के नेता भी शोक संतप्त परिवारों से मिलने पहुंचे। रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी ने अलीपुर खुर्द जाकर कार्तिक के परिजनों से भेंट की। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, बिजनौर सांसद चंदन चौहान, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा ने रामपुरी क्षेत्र में पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। भाजपा नेता गौरव स्वरूप और मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
परिजनों में इस घटना के बाद आक्रोश भी है। उन्होंने प्रशासन और नेताओं पर अनदेखी के आरोप लगाए हैं। जम्मू में मोबाइल नेटवर्क की समस्या और शवों को लाने में हुई देरी ने भी उनकी चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, शवों के पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की गई। इस त्रासदी ने मुजफ्फरनगर को गहरा घाव दिया है। पूरे जिले में लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।










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