मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को लेकर बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने खामपुर गांव में आयोजित सभा के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुसलमानों को भयभीत कर मतदान से रोकने का प्रयास कर रही है, जबकि पिछड़ों और दलितों की समस्याओं की सुनवाई कहीं नहीं हो रही।
हरेंद्र मलिक ने कहा कि केवल अखिलेश यादव ही ऐसे नेता हैं जो पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समाज की आवाज बुलंद कर रहे हैं। सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा चुनावी राजनीति की सरगर्मियां तेज हो रही हैं और सपा अपने परंपरागत वोट बैंक को फिर से साधने में जुटी है।
सभा में मलिक ने किसानों की दुर्दशा और व्यापारियों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसान चाहे कितनी भी अच्छी फसल पैदा करे, उसे उचित मूल्य नहीं मिलता। नकली कीटनाशक और बढ़ते कर्ज ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है। जीएसटी और महंगाई के मुद्दे को भी उन्होंने जोरदार ढंग से उठाया और कहा कि भाजपा सरकार ने बड़े-बड़े वादे कर जनता को वाहवाही में उलझाए रखा, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं किया।
मलिक ने प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो यह साफ हो जाएगा कि असली भूमाफिया कौन है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जों और भूमाफिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर यह मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है।
खामपुर की यह सभा सिर्फ एक स्थानीय बैठक नहीं थी, बल्कि इसे आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं द्वारा मलिक का जोरदार स्वागत और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी सहित कई स्थानीय नेताओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि सपा इस इलाके में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय है।
सपा सांसद के भाषण ने यह संदेश दिया कि पार्टी अपनी परंपरागत राजनीति—किसान, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़—को फिर से धार देने की कोशिश कर रही है।
सभा में जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, असजद, हाजी इंतसार, जुबैर, तमरेज, कामिल, गालिब, जीसान, रिजवान, शाहिद, खुशहाल, आफताब, इकराम और तनवीर सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।










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