शामली। जनपद शामली में अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक राम सेवक गौतम की अध्यक्षता में आज पुलिस कार्यालय के सभागार में पेट्रोल पम्प संचालकों/स्वामियों की एक अहम गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में पेट्रोल पम्पों की सुरक्षा, निगरानी और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 9 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी पेट्रोल पम्पों पर सीसीटीवी कैमरे इस प्रकार लगाए जाएं कि सड़क से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और उसमें बैठे लोगों की पहचान रिकॉर्ड हो सके। कैमरों की गुणवत्ता उच्च होनी चाहिए और वे रात में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर सकें। साथ ही डीवीआर को सुरक्षित और गुप्त स्थान पर रखा जाए, ताकि वह किसी भी आपराधिक मंशा से बचा रहे और कम से कम एक महीने की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रख सके।
उन्होंने पेट्रोल पम्प कर्मियों के पुलिस सत्यापन को अनिवार्य बताया और निर्देश दिया कि कोई भी व्यक्ति बिना सत्यापन के कार्यरत न हो। विशेष रूप से अपराधी या असामाजिक प्रवृत्ति के लोगों को नियुक्त न किया जाए।
गोष्ठी में बताया गया कि यदि पेट्रोल पम्प से बड़ी मात्रा में नगद राशि का लेनदेन हो रहा हो तो संबंधित थाने से सुरक्षा सहायता ली जाए। साथ ही, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के आए ग्राहकों को ईंधन न देने की अपील की गई, जिससे यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़े।
तेल के लेनदेन को लेकर किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल यूपी 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता प्राप्त की जाए। इसके अलावा, सभी पम्पों पर पुलिस, अग्निशमन और मेडिकल आपातकालीन नंबरों को बड़े अक्षरों में बोर्ड पर लिखवाना अनिवार्य बताया गया।
पुलिस अधीक्षक ने सभी संचालकों को 112 सिटीजन ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड करने की सलाह दी ताकि किसी आपात स्थिति में केवल एक टच से पुलिस सहायता मिल सके। अग्निकांड की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी पेट्रोल पम्पों पर फायर सेफ्टी उपकरण क्रियाशील दशा में रखने तथा समय-समय पर अग्निशमन विभाग से उनका निरीक्षण कराने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, निरीक्षक एलआईयू पूनम पुण्डीर, निरीक्षक नवीन चौधरी सहित जिले के अनेक पेट्रोल पम्प स्वामी उपस्थित रहे।











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