बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी में बुधवार सुबह से ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई फिर से शुरू हो गई। BDA के संयुक्त सचिव दीपक कुमार के नेतृत्व में दो बड़ी पोकलेन मशीनें बचे हुए ढांचे को गिराने में जुटी रहीं।
बवाल की साजिश का ‘केंद्र’ था यह भवन?
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके पीछे गंभीर सुरक्षा कारण भी हैं।
19 सितंबर की बैठक: एसपी सिटी मानुष पारीक के मुताबिक, 26 सितंबर को बरेली का माहौल खराब करने के लिए जो बवाल हुआ था, उसकी साजिश इसी भवन में 19 सितंबर को रची गई थी।
मौलाना तौकीर रजा का कनेक्शन: आरोप है कि मौलाना तौकीर रजा ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ यहीं बैठक कर पूरे घटनाक्रम का खाका तैयार किया था।
परिजनों का विरोध: “बलि का बकरा बनाया जा रहा है”
कार्रवाई के दौरान वाजिद बेग के छोटे भाई आबिद बेग दस्तावेजों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मीडिया के सामने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए:
पुश्तैनी आवास का दावा: आबिद का कहना है कि जिसे प्रशासन बारातघर बताकर गिरा रहा है, वह उनका पुश्तैनी घर है।
FIR पर सवाल: उन्होंने दावा किया कि उनके भाई वाजिद बेग का नाम किसी भी FIR में नहीं है और पुलिस उन्हें जानबूझकर फंसा रही है।
नियमों के तहत कार्रवाई का दावा-
दूसरी ओर, BDA सचिव दीपक कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध निर्माण को गिराने से पहले नोटिस जारी किया जाता है और पूरी सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जाती है। मंगलवार को करीब 50 फीसदी हिस्सा ढहा दिया गया था, और बुधवार को बाकी बचे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जा रहा है।
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि शहर की शांति भंग करने वालों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।











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