नोएडा : आचार्य सुशांत राज ने बताया कि सोनम और मुस्कान केस के बाद से लोगों में कुंडली मिलान जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि सनातन धर्म से जुड़े लोग कुंडली मिलान जरूर करते हैं।
हाल ही में हुए मध्य प्रदेश की मुस्कान और सोनम केस के बाद से शादी को लेकर युवाओं में डर का माहौल बन गया है। ऐसे में लोग कुंडली मिलान और ग्रह नक्षत्रों की चाल जानने के लिए आचार्यों से सलाह ले रहे हैं। कुंडली मिलान के लिए अब ऐसे लोगों की संख्या भी बढ़ रही है जो लोग खुद को मॉडर्न ख्यालों का बताते थे और कुंडली मिलान या ग्रह नक्षत्रों की चाल पर उनका विश्वास नहीं होता था। ऐसे लोग शादी से पहले वर-वधू की कुंडली लेकर पंडित-आचार्यों के पास पहुंच रहे हैं। इसके अलावा एआई का सहारा भी ले रहे हैं।
आचार्य सुशांत राज ने बताया कि सोनम और मुस्कान केस के बाद से लोगों में कुंडली मिलान जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हालांकि सनातन धर्म से जुड़े लोग कुंडली मिलान जरूर करते हैं। कुंडली मिलान इसलिए भी जरूरी है कि जीवन में हर चीज बैलेंस होना चाहिए। यदि कोई दोष होता है तो उसका निवारण भी किया जा सकता है। सेक्टर 19 के पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि जैसे चावल के साथ दाल जरूरी है, सब्जी जरूरी है वैसे ही शादी से पहले कुंडली मिलान जरूरी है। इसमें ग्रह मैत्री, भकूट दोष, तारा दोष, नाड़ी दोष देखना बहुत जरूरी होता है। इसमें ग्रहों की मित्रता देखी जाती है। बता दें कि मेरठ की मुस्कान और इंदौर की सोनम की शादी के बाद ही ऐसी घटना हुई कि दोनों के पति की मौत हो गई और दोनों केस की आरोपी मुस्कान और सोनम हैं। सोनम की कुंडली में मांगलिक दोष होने की बातें भी सोशल मीडिया पर चल रही हैं।
सेक्टर 19 के आचार्य संदीप पांडेय ने बताया कि मांगलिक दोष होने पर यह देखना होता है कि मंगल किस भाव में बैठा है। यदि लड़की के प्रथम भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव या बारहवें भाव में मंगल होता है तो मांगलिक माना जाता है। इसके बाद लड़के की कुंडली में भी देखना होता है। जिसका मंगल कमजोर पड़ेगा उसे परेशानी होती है। इसके अलावा नाड़ी दोष अधिकतर ब्राह्मण वर्ग में देखा जाता है।
आचार्य सुशांत राज ने बताया कि शादी के लिए कुंडली मिलान में 36 में 18 गुण मिलना जरूरी होता है। यदि कुंडली में यदि नाड़ी दोष होता है तो उसका उपाय होता है। इसके अलावा मांगलिक दोष का उपाय भी होता है और यह दोष कट भी जाता है, लेकिन इसके लिए ग्रहों की स्थिति देखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए बड़े ज्योतिष से सलाह लेनी चाहिए। नाड़ी और मांगलिक दोष होने पर विशेष परिस्थितियों में योग को देखकर विवाह किया जा सकता है।
बता दें कि इन दिनों सिर्फ युवक और युवतियां ही नहीं बल्कि परिवारीजन भी कुंडली मिलान के लिए एक नहीं कई पंडित आचार्यों से सलाह ले रहे हैं। इसके अलावा कुंडली मिलान के लिए एआई की मदद भी ले रहे हैं। यही नहीं, एआई की मदद से ज्योतिष आचार्यों से निशुल्क बातचीत भी कर रहे हैं।











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