लखनऊ। कांवड़ यात्रा मार्ग पर अब दुकानों पर दुकानदार का नाम लिखने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। उसकी जगह अब दुकान का नाम, पता, लाइसेंस नंबर और अन्य जरूरी विवरण वाला एक विशेष फीडबैक प्रपत्र लगाया जाएगा। यह निर्णय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FSDA) ने लिया है, ताकि कानूनी दायरे में रहते हुए ग्राहक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
कांवड़ यात्रा के दौरान खाद्य वस्तुओं में मिलावट रोकने और जवाबदेही तय करने के लिए दुकानदारों के नाम सार्वजनिक करने की मांग उठी थी। लेकिन FSDA एक्ट में दुकानदार का नाम सार्वजनिक रूप से लिखने का कोई प्रावधान नहीं है। विभाग ने इस कानूनी कमी का समाधान एक नई रणनीति के रूप में निकाला है।
अब हर दुकान पर ग्राहक संतुष्टि फीडबैक प्रपत्र लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें निम्न विवरण शामिल होंगे:
•दुकान का नाम
•पता
•मोबाइल नंबर
•ईमेल आईडी (यदि हो)
•लाइसेंस नंबर
•टोल फ्री नंबर
•फूड सेफ्टी कनेक्ट एप से जुड़ा QR कोड
QR कोड से मिलेगा पूरा विवरण, शिकायत भी होगी आसान
ग्राहक जब इस फॉर्म पर लगे QR कोड को स्कैन करेंगे, तो उन्हें दुकानदार का नाम और पूरी प्रोफाइल दिख जाएगी। यही नहीं, ग्राहक अपनी फीडबैक भी सीधे एप के जरिए दे सकेंगे, जिसमें यह भी दर्ज किया जा सकेगा कि उन्होंने क्या खाया और उसमें मिलावट की आशंका किसमें है।
फीडबैक मिलते ही विभाग की टीम को अलर्ट जाएगा। फिर कंट्रोल रूम संबंधित क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक को जानकारी देगा, जो मौके पर जाकर खाद्य पदार्थ की प्राथमिक जांच करेगा। यदि संदेह सही पाया गया तो संबंधित वस्तु तत्काल नष्ट कर दी जाएगी।
FSDA विभाग इस बार मिलावट रोकने के लिए केवल कार्रवाई पर नहीं, जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। कांवड़ यात्रा मार्गों और धार्मिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जहां श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि वे खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान कैसे करें।
इस दौरान विभाग की मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन भी मौजूद रहेगी, जहां लोग अपने खाद्य पदार्थ की जांच करवा सकेंगे। इस पूरे अभियान का मकसद श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है।










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