मुजफ्फरनगर। शहर के अबूपुरा मोहल्ले में स्थित करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक ‘ठाकुरद्वारा गेट’ को लेकर प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच ठन गई है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा गेट को तोड़ने के आदेश का मोहल्लेवासियों ने एकजुट होकर कड़ा विरोध किया, जिसके बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई फिलहाल रोकनी पड़ी है।
एक शिकायत के बाद आया था आदेश-
जानकारी के अनुसार, एक महिला की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट ने ऐतिहासिक ठाकुरद्वारा परिसर में लगे इस प्राचीन गेट को गिराने का आदेश जारी किया था। जैसे ही इस आदेश की खबर क्षेत्रवासियों को लगी, उनमें गहरा रोष फैल गया।
बुलडोजर के आगे खड़ी हुई जनता-
प्रशासनिक टीम जब आदेश के अनुपालन में गेट को ढहाने पहुँची, तो मोहल्ले के दर्जनों निवासी सड़कों पर उतर आए और टीम का रास्ता रोक लिया। नागरिकों का तर्क है कि यह गेट केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान है। स्थानीय लोगों के तीव्र विरोध के कारण प्रशासनिक टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन-
आज मोहल्ले के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुँचकर एक ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने मांग की है कि इस ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित किया जाए, न कि इसे तोड़ा जाए।
प्रशासन का रुख-
जनता की भावनाओं और विरोध को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी है। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि वह स्वयं मौके का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा, “जन भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा और सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”










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