मुजफ्फरनगर। शहर को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने शनिवार को शहर के छह प्रमुख कूड़ा डलावघरों को स्थायी रूप से बंद कर दिया। इसके स्थान पर करीब 1.54 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए पांच आधुनिक मोबाइल कॉम्पैक्टर जनता को समर्पित किए गए।
इन कम्पैक्टर की सहायता से अब वार्डों से निकलने वाला कूड़ा सीधे इनमें डाला जाएगा, जिससे गंदगी और बदबू फैलने की समस्या समाप्त हो सकेगी। साथ ही, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़े के ढेर भी अब नहीं दिखाई देंगे।
बंद किए गए कूड़ा डलावघरों में राजवाहा रोड श्मशान घाट के पास,नई मंडी गेट नंबर तीन,भोपा पुल के नीचे,शाकुंतलम आवास विकास, सर्कुलर रोड, आर्य समाज रोड शामिल हैं। इसके अलावा, एक अतिरिक्त कम्पैक्टर गांधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय के पास भी तैनात किया गया है।
मेरठ रोड स्थित कमला नेहरू वाटिका (कंपनी बाग) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पालिकाध्यक्ष ने सभासदों, ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और अपनी पौत्री गौरवी के साथ फीता काटकर कम्पैक्टरों का उद्घाटन किया और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन पांचों कम्पैक्टर का संचालन JS Enviro Services Pvt. Ltd. को सौंपा गया है। कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नितेश चौधरी को सभी यूनिट्स हैंडओवर की गईं। ये सभी वाहन पालिका के साथ अनुबंध के तहत कार्य करेंगे।
पालिकाध्यक्ष ने कहा, “यह केवल सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं, बल्कि हमारी सोच और जिम्मेदारी का प्रतीक है। जब तक जनता खुद भी स्वच्छता में भागीदार नहीं बनेगी, तब तक मुजफ्फरनगर को गार्बेज फ्री सिटी बनाने का सपना अधूरा रहेगा।”
कार्यक्रम में मौजूद ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नई सफाई एजेंसी को शहर के 29 कूड़ा डलावघर सौंपे गए थे। इनमें से अब तक 12 डलावघर हटाए जा चुके हैं, और शेष 17 पर भी काम जारी है।
सभासद रितु त्यागी, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, शौकत अंसारी, अमित पटपटिया, मनी पटपटिया, अन्नू कुरैशी, नौशाद पहलवान, सतीश कुकरेजा, अब्दुल सत्तार, विजय चिंटू, ललित कुमार, गुलरेज राजू, डॉ. अजय प्रताप शाही, योगेश गोलियान, प्रियेश कुमार आदि उपस्थित रहे।










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