मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर किसान संगठनों की आड़ में पनप रही अराजकता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि कुछ लोग किसान यूनियन के झंडे का दुरुपयोग कर अवैध कार्यों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे असली किसानों की छवि खराब हो रही है।
झंडे की आड़ में ‘अवैध धंधे’: धर्मेंद्र मलिक-
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान संगठनों के झंडे लगाकर अवैध खनन, प्रतिबंधित वाहनों का संचालन और गाड़ियों के डिस्पोजल (कटान) का धंधा धड़ल्ले से किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गतिविधियों पर लगाम नहीं लगी, तो प्रशासन को मजबूरन सख्त कदम उठाने होंगे।
थानों में धरने और कार्यप्रणाली पर सवाल-
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार और युवा मंडल प्रभारी कुशलवीर ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन न्याय दिलाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि पुलिस निष्पक्ष कार्य कर रही है, तो थानों के भीतर अनावश्यक धरने देकर दबाव क्यों बनाया जा रहा है?
मुख्यमंत्री को भेजा सुझाव पत्र: संगठन के लिए माँगी नई नियमावली-
सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपा गया। भाकियू (अराजनैतिक) ने किसान संगठनों के लिए सख्त नियमावली बनाने हेतु निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
अनिवार्य पंजीकरण: प्रदेश में सक्रिय सभी किसान संगठनों का सरकारी पंजीकरण अनिवार्य हो।
आधिकारिक आयोजनों में भागीदारी: ‘किसान दिवस’ जैसे सरकारी कार्यक्रमों में केवल पंजीकृत संगठनों को ही आमंत्रित किया जाए।
कठोर कार्रवाई: अराजक आंदोलनों, कानून हाथ में लेने वाले और फर्जी संगठनों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे।
सोशल मीडिया पर लगाम: भ्रामक सूचनाएं और डर फैलाने वाले डिजिटल कंटेंट पर रोक लगाई जाए।
प्रदर्शन में उमड़ी भीड़-
इस दौरान संजीव बाबा, अंकित जावल, प्रवीण पंवार, योगेंद्र पंवार, विपिन त्यागी, शहजाद राव, सानूर राणा, मोहसिन, अमित, सुमित दोहड़, गुड्डू मंगली, विजय दीक्षित और जाबिर राणा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।










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