नई दिल्ली। असम में घुसपैठियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। पीएम मोदी द्वारा कांग्रेस पर “अवैध प्रवासियों को बसाने” के आरोपों पर पलटवार करते हुए खरगे ने सरकार की सुरक्षा विफलता पर सवाल उठाए हैं।
“विफल डबल इंजन सरकार, दोष विपक्ष पर”-
मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “केंद्र में भाजपा की सरकार है और असम में भी उन्हीं की सरकार है। वे खुद इसे ‘डबल इंजन’ सरकार कहते हैं। यदि सीमा सुरक्षित नहीं है और घुसपैठ हो रही है, तो यह सरकार की विफलता है। अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहने पर सारा दोष विपक्ष पर मढ़ना सरासर गलत है। मैं ऐसे बयानों की कड़ी निंदा करता हूं।”
“वे राष्ट्रविरोधी हैं, हम नहीं”-
खरगे ने तीखे लहजे में कहा कि राष्ट्रविरोधी कांग्रेस नहीं, बल्कि वे लोग हैं जो अपनी नाकामियों को छिपा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “हम देश के हित में हर कदम उठाएंगे, लेकिन हम आतंकवादियों या घुसपैठियों का कभी समर्थन नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री केवल अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं।”
पीएम मोदी का आरोप: “कांग्रेस असमिया पहचान की दुश्मन”-
इससे पहले रविवार को असम दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का गंभीर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, “कांग्रेस केवल सत्ता के लिए अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को असम में बसाना चाहती है। उन्हें असमिया लोगों की पहचान, भूमि और गौरव से कोई लेना-देना नहीं है। इसीलिए वे मतदाता सूची (Voter List) में संशोधन का विरोध कर रहे हैं।” पीएम ने दावा किया कि भाजपा सरकार हमेशा असम के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करती रहेगी।
विवाद की जड़: मतदाता सूची और घुसपैठ-
यह विवाद असम में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (Revision) और अवैध प्रवासियों की पहचान के मुद्दे पर केंद्रित है। जहाँ भाजपा इसे राज्य की सुरक्षा और संस्कृति के लिए जरूरी बता रही है, वहीं कांग्रेस का तर्क है कि इसकी आड़ में वैध नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।











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